Bullish and bearish Engulfing candlestick pattern in Hindi

Introduction – Engulfing candlestick pattern in hindi

मेरे ट्रेडर्स साथी गण हम लोग इस लेख में Engulfing candlestick pattern के बारे में जानेंगे।

अगर आप ट्रेंडिंग सीखना चाहते हैं और बिना लॉस किए हुए एक प्रॉफिटेवल ट्रेडर बनना चाहते हैं, तो आप इस लेख को अच्छे से पढ़िए।

मैं आपको यकीन के साथ कह सकता हूं कि अगर आप इस लेख को पूरे अच्छे तरीका से पढ़ लेते हैं और समझ लेते हैं तो आपको ट्रेडिंग करते समय किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी ।

हम आपको प्रूफ के साथ आपके सभी डाउट्स को क्लियर कर देंगे लाइव चार्ट के साथ ताकि आपको लाइव मार्केट में ट्रेडिंग करते समय किसी भी तरह का परेशानी ना हो।

हम लोग इस लेख में जानेंगे इन सभी टॉपिक को जो कि आप नीचे देख सकते हैं।

HISTORY OF ENGULFING CANDLESTICK PATTERN|| इंगल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न का इतिहास

हम लोग सबसे पहले कैंडलेस्टिक का हिस्ट्री जान लेते हैं।

18 वीं शताब्दी में चावल की कीमतों को ट्रैक करने के लिए कुछ शुरुआती तकनीकी व्यापार विश्लेषण का इस्तेमाल किया गया था।

कैंडलेस्टिक चार्टिंग का अधिकांश श्रेय जापान के सकाटा के चावल व्यापारी मुनेहिसा होमा को जाता है।

जो कि 1724 -1803 के बीच इस तकनीकी व्यापार विश्लेषण का इस्तेमाल किया गया था।

इन्होंने ठोकूगाव शोगुनेट के दौरान ओसाका में ओजिमा चावल बाजार में कारोबार किया था।

उसके बाद स्टीव नेशन के अनुसार कैंडलेस्टिक चार्टिंग आई, लगभग 1850 के बाद शुरू हुआ था।

WHAT IS Engulfing CANDLESTICK PATTERN|| इंगल्फिंग कैंडलास्टिक पैटर्न क्या होता हैं?

Engulfing CANDLESTICK PATTERN बुलिश और बेयरिश दोनों प्रकार का एक सिंगल कैंडलेस्टिक पेटर्न है।

यह मार्केट के डाउन ट्रेंड या अप ट्रेंड में देखने को मिलता है।

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जैसे की ऊपर दिए गए फोटो में देख सकते हैं, एक अप ट्रेड मार्केट के बाद ENGULFING CANDLESTICK PATTERN का फॉर्मेशन हुआ है |

इस फोटो में आप लोग देख सकते हैं कि Engulfing कैंडल बनने के पहले तीनो कैंडल को Engulfing कैंडल ने निगल गया है या पूरे तरीके से ढक दिया है।

जिससे यह पता चलता है की मार्केट में सेलर आ चुके हैं और मार्केट का ट्रेड चेंज हो सकता है|

जैसे की ऊपर दिए गए फोटो में आप लोग देख सकते हैं की मार्केट एक अप ट्रेड में Higher, High बनाते हुए मार्केट अप ट्रेड में चल रहा था।

उसके बाद एक बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल का निर्माण होता है और उसके बाद मार्केट अप ट्रेड से डाउन ट्रेन में चेंज हो जाता है|

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इस फोटो में आप लोग देख सकते हैं मार्केट एक डाउन ट्रेंड में ट्रेड कर रहा था।

उसके बाद एक सपोर्ट एरिया में मार्केट जाकर के 2 दिन अपना टाइम एक ही जगह पर बीतता है।

उसके बाद वहां पर बायर एक्टिवेट होते हैं और buying करते है|

मुझे जहां तक उम्मीद है कि ENGULFING CANDLESTICK PATTERN को पहचान चुके होंगे |

आगे के स्टेप में हम लोग सीखेंगे की ENGULFING CANDLESTICK PATTERN बनने के बाद बाद हम लोग buying या selling का किस तरह से प्लानिंग कर सकते हैं, और हम लोगों को किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए|

कभी-कभी ऐसा भी होता है की इन ENGULFING CANDLESTICK PATTERN बनने के बाद भी मार्केट downtrend या uptrend में चलता रहता है और कोई रिवर्सल नहीं आता है या ट्रेंड में कोई परिवर्तन नहीं होता है|

BULLISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN||बुलिश एन्गल्फिंग कैंडलस्टिक पैटर्न

BULLISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN एक सिंगल कैंडलेस्टिक पेटर्न है जिसका ओपनिंग प्राइज lowest price के आसपास ही होता है।

इस कैंडल का Highest प्राइस क्लोजिंग प्राइस के आसपास होता है या बराबर होता है जैसे कि आप लोग नीचे दिए गए फोटो में देख सकते हैं|

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BULLISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN ट्रेंड रिवर्सल कैंडल भी कह सकते हैं।

जैसे की ऊपर दिए गए फोटो में आप लोग देख सकते हैं की बुलिश इंगल्फिंग कैंडल बनाने के बाद डाउन ट्रेंड से अप ट्रेंड में परिवर्तन हो गया है।

उसी प्रकार जब कोई स्टॉक या इंडेक्स अप ट्रेंड में होता है और किसी रेजिस्टेंस के आसपास बेयरिश इंगलफिंग कैंडल बनता है तो 70% चांस होता है कि किसी स्टॉक या इंडेक्स का अप ट्रेंड से डाउन ट्रेंड में बदल जाना ।

BEARISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN बेयरिश इंगल्फिंग कैंडलेस्टिक पेटर्न

बेयरिश इंगल्फिंग एक सिंगल कैंडलेस्टिक पेटर्न है जो की किसी स्टॉक या इंडेक्स के अप ट्रेंड में रेजिस्टेंस के पास बनने वाला कैंडल है|

बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल का ओपनिंग प्राइस highest price के आसपास या बराबर होता है।

इस कैंडल का क्लोजिंग प्राइस इसके lowest प्राइस के आसपास या बराबर होता है, जिससे यह पता चलता है कि इस स्टॉक में या इंडेक्स में सेलर का कितना मजबूती है|

बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल का कोई शैडो नहीं होता है अगर इस कैंडल में शैडो होता भी है तो बहुत छोटा या ना के बराबर होता है|

बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल का लाल या ब्लैक होता है जिसे पता चलता है कि यह सेलिंग का कैंडल है

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यह चार्ट बैंक निफ्टी का है डेली टाइम फ्रेम पर है।

जैसे कि आप लोग देख सकते हैं कि एक अप ट्रेंड के बाद बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल बना है।

उसके बाद मार्केट में एक रिवर्सल आता है और मार्केट 46000 से गिर करके 44000 के आसपास आ जाता है|

आप लोग इस फोटो में देख सकते हैं कि बैंक निफ़्टी एक अप ट्रेड में ट्रेड कर रहा था और उसके बाद एक बेयरिश इंगल्फिंग कैंडल बनता है, जो की पिछले तीन दिन के कैंडल को इन गल्फ या निगल गया है।

उसके बाद मार्केट में एक डाउन ट्रेंड में रिवर्सल हो जाता है|

अगले स्टेप में हम लोग जानेंगे कि अप ट्रेंड के बाद बनने वाले बेयरिश इंगुलफिंग कैंडलेस्टिक पेटर्न लाइव मार्केट में कैसे यूज करते हैं |

HOW TO IDENTIFY BEARISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN IN LIVE MARKET || लाइव मार्केट में बुलिश इंगल्फिंग कैंडेलेस्टिक पैटर्न को कैसे पहचाने?

लाइव मार्केट में बेयरिश इंगल्फिंग कैंडेलेस्टिक पैटर्न को पहचान बहुत आसान है।

अगर आप स्विंग ट्रेडिंग या इंट्राडे ट्रेडिंग करते हैं तो सबसे पहले आपको यह पता करना है की मार्केट किस ट्रेड में है अप ट्रेड या डाउन ट्रेंड में है|

अगर कोई स्टॉक या इंडेक्स higher high बना रहा है, तो वह स्टॉक या इंडेक्स अप ट्रेंड में है।

जब कोई स्टॉक या इंडेक्स lower low बनाए तो समझ लेना चाहिए कि वह स्टॉक या इंडेक्स डाउन ट्रेंड में है|

जब कोई स्टॉक या इंडेक्स अप ट्रेंड में हो तो प्रीवियस रेजिस्टेंस के पास अगर कोई बेयरिश इंगुलफिंग कैंडलेस्टिक पेटर्न का निर्माण होता है तो तो हम लोग सेलिंग करने का प्लानिंग कर सकते हैं इसे हम एक वीडियो के माध्यम से समझते हैं|

ऊपर दिए गए वीडियो में आप लोग देख सकते हैं की सबसे पहले हम लोग रेजिस्टेंस और सपोर्ट को ड्रॉ कर लेते हैं जिससे हम लोगों को ट्रेडिंग करने में बहुत ही मदद मिलता है और यह पता लगता है कि यहां से बायर या सेलर आ सकते हैं और मार्केट एक ट्रेंड को बदल सकता है|

HOW TO IDENTIFY BULLISH ENGULFING CANDLESTICK PATTERN ON 📉 CHART || हम लोग बुलीश इंगल्फिंग कैंडलेस्टिक पेटर्न को चार्ट पर कैसे पहचाने?

जब कोई स्टॉक या इंडेक्स डउन ट्रेंड में होता है तो प्रीवियस सपोर्ट के पास एक लाइन ड्रा करते हैं ।

जहां पर स्टॉक या इंडेक्स कुछ घटा या कुछ दिन अपना टाइम स्पेंड करता है उसके बाद वहां बुलीश इंगल्फिंग कैंडलेस्टिक का निर्माण होता है तो इससे पता चलता है कि स्टॉप या इंडेक्स में सेलर कमजोर हो रहे हैं और बायर बाइंग कर रहे हैं।

अगर आप लोग डाउन ट्रेंड के बाद बाइंग करना चाहते हैं तो आपको किन-किन बातों को ध्यान में रखना चाहिए।

कभी-कभी ऐसा होता है कि कोई स्टॉक या इंडेक्स डाउन ट्रेंड में रहता है और बुलीश इंगल्फिंग कैंडलेस्टिक का निर्माण होने के बाद भी वह स्टॉक या इंडेक्स अपना ट्रेड कंटीन्यूअस जारी रखता है ।और उस स्टॉक या इंडेक्स में कोई रिवर्सल नहीं आता है ।

हम लोग इसे लाइव चार्ट पर एक वीडियो के थ्रू देखेंगे जिससे आप लोगों को लाइव मार्केट में ट्रेडिंग करते समय किसी भी तरह की परेशानी नहीं आएगा और आप एक अच्छा प्रॉफिटेबल ट्रेड बनेंगे।

ऊपर दिए गए वीडियो में आप लोग देख सकते है की सबसे पहले हम लोग प्रीवियस सपोर्ट और रेजिस्टेंस ड्रा करते हैं उसके बाद हम लोग दो-तीन कन्फर्मेशन का वेट करते हैं और उसके बाद हम किसी स्टॉक या इंडेक्स में इंटर करते हैं|

स्टेप 1. अप ट्रेंड मार्केट में प्रीवियस रेजिस्टेंस के अनुसार हम लोग रेजिस्टेंस ड्रा करते हैं|

स्टेप 2. अगर कोई स्टॉक या इंडेक्स डाउन ट्रेंड में चल रहा है तो हम लोग प्रीवियस सपोर्ट के अनुसार सपोर्ट ड्रा कर लेते हैं|

स्टेप 3. उसके बाद सपोर्ट के पास हम लोग एक बुलीश चार्ट पेटर्न बनने का वेट करते हैं और उसमें हम लोग यूज करते हैं कैंडल को जैसे की बुलिश इंगल्फिंग कैंडलेस्टिक पेटर्न या हैमर कैंडलेस्टिक पेटर्न बनता है तो हम लोग बाइंग का प्लानिंग करते हैं और buying करते हैं|

स्टेप 4.अगर आप एक स्विंग ट्रेडिंग करते हैं तो आप लोगों को डेली टाइम फ्रेम का यूज करना चाहिए और उसके साथ ट्रेड में बने रहना चाहिए जब तक कोई ट्रेड रिवर्सल कैंडल या चार्ट पैटर्ननहीं बन जाता है तब तक|

स्टेप 5.अगर आप इंट्राडे ट्रेडर बनना चाहते हैं और प्रॉफिट कमाना चाहते हैं तो आप लोगों को 5 मिनट 15 मिनट 1 अवर टाइम फ्रेम का यूज करना चाहिए जिससे आप लोगों को मार्केट में ट्रेडिंग करते समय बहुत ही हेल्प मिलेगा|

स्टेप 6. कभी भी मार्केट हायर टाइम फ्रेम को फ्लो करता है इसलिए लाइव मार्केट में ट्रेड आप इन तीनों टाइम फ्रेम को एक साथ यूज करके ट्रेडिंग करें|

स्टेप 7. कभी भी कोई स्टॉक या इंडेक्स अपना ट्रेंड को फॉलो करता है यानी की अगर कोई स्टॉक या इंडेक्स अप ट्रेंड में है तो वह अप ट्रेंड में हायर हाय बनाते जायेगा अगर कोई यह स्टॉक या इंडेक्स डाउन ट्रेन में है तो वह डाउन साइड ब्रेक करते जाएगा |

निष्कर्ष:

आज के इस लेख में हमने बताया की Engulfing candlestick pattern क्या है, इस कैंडलेस्टिक पेटर्न को कैसे पहचाने, इसे कैसे उपयोग करें इत्यादि। आगे के कुछ लिखो में मैं इसका प्रयोग करके ट्रेड करना सिखाऊंगा।

बाजार जोखिमों से भरा है। कोई भी एक पैटर्न अपने आप में पर्याप्त नहीं है।

आप अपने एनालिसिस में इस कैंडलेस्टिक पेटर्न को अवश्य शामिल करें।

बाजार में सब कुछ काम करता है और कुछ काम नहीं करता है।

यहां खेल अनुभव का है। विश्लेषण करते रहिए अनुभव जुटात रहिए।

बाजार में ट्रेड करके सीखिए अपने अनुभव को इकट्ठा कीजिए उनका लाभ उठाइए।

इस कैंडलेस्टिक पेटर्न को आप अपने ट्रेडिंग सेटअप में शामिल करें। खुद उसे करें और देखें की क्या यह काम करता है या नहीं।

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धन्यवाद लेख में कोई त्रुटि हो तो हमें अवश्य सुझाए।

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